April 26, 2026 10:22 AM

यूपी के पूर्व DGP ने बनाई अपनी पार्टी, बुंदेलखंड अलग राज्य बनाना कोर मुद्दा

लखनऊ: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में एक नए राजनैतिक दल की एंट्री हो गई है। दरअसल, यूपी के एक और पूर्व नौकरशाह ने राजनीति में आगाज किया है। प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने अपनी अलग पार्टी बनाई है। बता दें कि साल 2017 में सुलखान सिंह योगी सरकार में यूपी के DGP बने थे। पूर्व DGP सुलखान सिंह के दल का नाम बुंदेलखंड लोकतांत्रिक पार्टी है और इसका कोर मुद्दा बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाना है। पार्टी के गठन के बाद सुलखान सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही कहा कि बुंदेलखंड राज्य में 15 जिले शामिल करने की मांग उठाई जाएगी और आगामी लोकसभा चुनावों में इन सभी जिलों से बुंदेलखंड लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवार भी मैदान में उतरेंगे।

 

पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने बांदा में एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि आज भी बुंदेलखंड में रोजगार के अवसर नहीं हैं। समय से सिंचाई न हो पाने के कारण किसानों की फसलें सूख रही हैं। उन्होंने कहा कि मऊ और मरका पुल का निर्माण शुरू कराया गया लेकिन सरकार बदलने के बाद यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चले गए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 15 जिले मिलाकर बुंदेलखंड राज्य की मांग रखी जाएगी। यूपी के झांसी, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, ललितपुर, जालौन, और महोबा जिले मिलाकर बुंदेलखंड राज्य की मांग रखी जाएगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश के दमोह, पन्ना, सागर, छतरपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और अशोकनगर जिलों को बुंदेलखंड राज्य में शामिल करवाने का प्लान है।

आगामी चुनावों में बुंदेलखंड से उतारेंगे कैंडिडेट

सुलखान सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र (बुंदेलखंड) के विकास के लिए वह सक्रिय राजनीति में उतर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बुंदेलखंड लोकतांत्रिक पार्टी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए इन जिलों में 2024 में होने वाले लोकसभा और अगले विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी से कैंडिडेट भी उतारेंगे। बुंदेलखंड लोकतांत्रिक पार्टी की प्राथमिकता रहेगी कि हर हाल में अलग राज्य का निर्माण कराया जाए।

Related Posts