मैनपुरी: मेहंदी रची, दुल्हन बनी और फेरे भी हुए। विदा होकर ससुराल पहुंची मगर पिया मिलन से पहले ही बिछोह हो गया। इस तरह का बिछोह, जिसे सुनने वाले भी रो पड़े। दुल्हन का पिया मिलने से पहले ही उसे हमेशा-हमेशा के लिए छोड़कर चला गया। इंवर्टर के करंट से उसकी मौत हो गई। शादी की खुशियां अधूरी रह गई। करहल के गांव नगला कंस निवासी सोनू यादव पुत्र जनवेद सिंह बीएससी के छात्र थे। 11 मई को उनकी बरात थाना कुर्रा के गांव नगला सदा गई थी। 12 मई को विवाह की रस्म पूरी होने के बाद वे पत्नी आरती की विदा कराकर घर ले आए। विवाह की रस्मों के हिसाब से दुल्हन सीधे ससुराल नहीं आती है। पहले दिन पड़ोसी के घर में रहती है। आरती गांव में ही रह रहे मध्यस्थ के घर गई थी।

इंवर्टर के तार जोड़ने गया था दूल्हा
दूल्हे के घर में लाइट चली गई तो सोनू इंवर्टर के तार जोड़ने लगे। इंवर्टर से लगे करंट से वह अचेत होकर गिर पड़े। कुछ देर बाद स्वजन कमरे में पहुंचे और सोनू को पड़ा देखा। गंभीर हालत में उन्हें सैफई मेडिकल कालेज ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। आरती के पिता जयवीर सिंह अपने स्वजन के साथ नगला कंस पहुंचे। मृतक सोनू अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। पूर्व विधायक सोबरन सिंह ने भी उनके घर पहुंच कर स्वजन को ढांढस बंधाया।
कंगन खुलने तक नहीं होती नवविवाहित जोड़े में बातचीत
ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां परंपरा के अनुसार पति-पत्नी तब तक बातचीत नहीं करते जब तक उनका कंगन नहीं खुल जाता। इसके कारण सोनू और आरती सात फेरों के बाद एक दूसरे से बात भी नहीं पाए थे। पति के मिलने से पहले ही विधवा हुई आरती की हालत खराब है।






