September 21, 2026 9:30 AM

आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे IAS रामविलास यादव, 2019 में यूपी से आए थे उत्तराखंड, आय से 500 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप

देहरादून: आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे आइएएस रामविलास यादव की माफिया मुख्तार अंसारी से खासी नजदीकी रही हैं। उत्‍तर प्रदेश में अखिलेश सरकार के दौरान रामविलास लखनऊ विकास प्राधिकरण सचिव समेत तमाम अहम पदों पर रहे। अब उन पर शिकंजा कसता जा रहा है। उनके खिलाफ 19 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया गया। उन पर आय से 500 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

आइएएस रामविलास यादव 2019 में उत्‍तर प्रदेश से आए थे उत्तराखंड

आइएएस रामविलास यादव 2019 में यूपी से उत्तराखंड आए थे। यहां शासन ने नौ जनवरी 2019 को उनके खिलाफ विजिलेंस में खुली जांच के आदेश दिए थे। विजिलेंस टीम ने आइएएस यादव को पूछताछ के लिए बुलाना चाहा, लेकिन वह उ‍पस्थित नहीं हुए। इसके बाद आइएएस का पक्ष जानने के लिए तीन सदस्यीय हाईपावर कमेटी बनाई गई, पर यादव ने उसे भी गुमराह किया।

आय से 500 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप

आय से अधिक संपत्ति के मामले में घिरे आइएएस रामविलास यादव पर विजिलेंस का शिकंजा कस रहा है। वह अभी तक विजिलेंस के समक्ष पेश नहीं हुए हैं। ऐसे में विजिलेंस कोर्ट के जरिये उन्हें नोटिस भेज सकती है। उन पर आय से 500 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

माफिया मुख्तार अंसारी से रही नजदीकी

सूत्रों के अनुसार, उत्‍तर प्रदेश सरकार की जांच में पता चला है कि आइएएस यादव की माफिया मुख्तार अंसारी से नजदीकी रही थी। उत्‍तर प्रदेश सरकार ने जांच पूरी करने के बाद उत्तराखंड से एक्शन लेने को कहा है। अखिलेश सरकार के दौरान आइएएस यादव लखनऊ विकास प्राधिकरण सचिव समेत तमाम अहम पदों पर रहे।

कोर्ट से भिजवाया जाएगा नोटिस

विजिलेंस के एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि कई बार बुलाने के बावजूद अब भी आइएएस रामविलास यादव पेश नहीं हुए। यदि वह अपना पक्ष रखने के लिए नहीं आते हैं तो नियमों के मुताबिक कोर्ट से नोटिस भिजवाया जाएगा।

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