September 21, 2026 10:54 AM

जनपद रामपुर की तहसील टांडा में ब्लॉक का सपना कब होगा साकार ? उठने लगी आवाज़

निर्भीक खबर के लिए टांडा, रामपुर से कैलाश सिंह की रिपोर्ट

रामपुर/टांडा: जनपद रामपुर में टांडा को तहसील का दर्जा भले ही हासिल हो गया हो, परंतु टांडा में ब्लॉक न होने से जहा क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि टांडा क्षेत्र विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। और तहसील क्षेत्र विकास के क्षेत्र में भी पिछड़ा हुआ है। ब्लॉक का दर्जा न मिलने के कारण तहसील क्षेत्र के बाशिंदों को अभी भी स्वार ब्लॉक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जबकि ब्लॉक के बिना तहसील के विकास कार्य अधूरे हैं।

जबकि सपा सरकार में रहें नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां भी  ब्लॉक बनाए जाने की प्रक्रिया की घोषणा भी कर चुके हैं। ओर मंडी समिति की दुकानों में ब्लॉक का उद्घाटन भी कर दिया गया था। परंतु सत्ता परिवर्तन के के कारण मंडी समिति से ब्लॉक का अस्तित ही समाप्त हो गया।इससे पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के जन्मदिवस पर भी टांडा में ब्लॉक बनाए जाने की कवायद शुरू होने की इस घोषणा से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी सपा नेताओं ने भी उस समय खुशी का इजहार किया था, परंतु पांच वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूर्ण रूप से ब्लॉक बनने की प्रक्रिया शुरू न  होने से क्षेत्रवासियों में मायूसी है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश के मुखिया से जनपद रामपुर की तहसील टांडा में ब्लॉक बनाए जाने की प्रक्रिया की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि टांडा में ब्लॉक बनने से विकास की गति का पहिया और तेजी से दौड़ सकेगा इसके लिए क्षेत्र के विभिन्न वर्ग के लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से नगर में ब्लॉक का दर्जा किए जाने की मांग की है।

जनपद रामपुर में टांडा को बसपा के शासन काल में लंबे अरसे के बाद टांडा को तहसील का दर्जा तो मिल गया था। परंतु ब्लॉक न मिलने से मायूसी ही रहीं,क्योकि तहसील के अधिकांश कार्य अधूरे ब्लॉक के बिना अधूरे रह जाते हैं। खासतौर पर ग्राम में होने वाले विकास कार्य ब्लॉक स्तर से होते हैं ग्रामीण क्षेत्र के विकास का कार्य बिना ब्लॉक के अधूरे हैं। ग्राम प्रधानों को विकास के मामले में स्वार जाना पड़ रहा है। जबकि क्षेत्र के लोग ब्लॉक बनाए जाने को लेकर लगातार शासन से मांग कर रहे।

जनपद रामपुर की  तहसील टांडा क्षेत्र के अधिवक्ता भी टांडा में ब्लॉक बनाए जाने की लगातार मांग करते चले आ रहे हैं ब्लॉक बनाए जाने के लिए वह तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस अथवा शासन को उप जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भी दे चुके हैं। अधिवक्ताओं का कहना रहा है कि बिना ब्लॉक के तहसील अधूरी है और अधिकांश काम अधूरे रह जाते हैं शासन व प्रदेश सरकार से टाण्डा में शीघ्र ब्लॉक बनाए जाने की मांग की है।

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