लखनऊ: रामपुर से सपा विधायक आजम खान 27 महीने बाद शुक्रवार को सीतापुर जेल से रिहा हो गए। सुबह 8 बजे जेल से बाहर आए आजम को उनके दोनों बेटों अब्दुल्ला और अदीब ने रिसीव किया। शिवपाल यादव भी इस दौरान साथ रहे। जेल से आजम सीधे सीतापुर में अपने करीबी पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे। वहां समर्थकों ने आजम को घेर लिया। समर्थकों से गले मिलने के दौरान आजम भावुक हो गए। उनकी आंखें भर आईं। इधर, अखिलेश यादव ने भी आजम की रिहाई पर सुबह पहला ट्वीट किया। उन्होंने कहा- रिहा होने पर हार्दिक स्वागत है।
आजम हमारे साथी हैं
प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव ने सीतापुर जेल के बाहर पहुंचकर आजम खान से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक बातचीत हुई। फिर शिवपाल अपनी गाड़ी से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मीडिया से बात करते हुए शिवपाल ने कहा कि- आजम खान हमारे साथी हैं।
स्वागत एवं शुभकामनाएं। pic.twitter.com/7kcGQiqzDi
— Shivpal Singh Yadav (@shivpalsinghyad) May 20, 2022
आजम की पत्नी ने अखिलेश के सवाल पर साधी चुप्पी
आजम की पत्नी तंजीन फातिमा ने तो अखिलेश के बारे में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि “मैं उनके (अखिलेश यादव) बारे में कुछ नहीं कहना चाहती। कोर्ट ने हमें राहत दी है, मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने मुश्किल समय में हमारा साथ दिया।”
पूर्व विधायक के घर पहुंचे आजम
सीतापुर जेल से बाहर निकलकर आजम खान पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के घर पहुंचे। जहां आजम खान ने समर्थकों से मुलाकात की और नाश्ता किया। समर्थकों से गले मिलते वक्त आजम खान भावुक भी नजर आए। यहां से आजम खान रामपुर के लिए रवाना हो गए।
अखिलेश ने ट्वीट से किया आजम का स्वागत
अखिलेश यादव ने गुरुवार को आजम खान को जमानत मिलने पर कोई ट्वीट नहीं किया। इसे लेकर वह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए। हालांकि शुक्रवार सुबह आजम की रिहाई होने के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट करके उनका स्वागत किया और बधाई दी।
सपा के वरिष्ठ नेता व विधायक मा. श्री आज़म ख़ान जी के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फ़ैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं।पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुक़दमों में बाइज़्ज़त बरी होंगे।
झूठ के लम्हे होते हैं, सदियाँ नहीं!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 20, 2022
यूपी सरकार ने आजम को बताया था आदतन अपराधी
सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को रामपुर जिले के कोतवाली थाने से जुड़े एक मामले में आजम खान की अंतरिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने आजम खान की जमानत याचिका का विरोध किया था और उन्हें भूमाफिया और आदतन अपराधी करार दिया था।
रात में सीतापुर जेल पहुंचे आजम की रिहाई के दो परवाने
आजम खान के वकील जुबेर अहमद ने बताया कि शत्रु संपत्ति और तीन स्कूलों की फर्जी मान्यता के मामले में उनकी रिहाई के दो आखिरी परवाने गुरुवार रात को सीतापुर जेल पहुंचे थे। आजम खान को ट्रायल कोर्ट से अब तक 88 मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन 89वें मामले में जमानत को लेकर ट्रायल शुरू होना था। इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद-142 का प्रयोग कर उनको अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा है, “अब वह बाहर आ सकते हैं। बशर्ते उन्हें दोबारा रेगुलर बेल के लिए अर्जी लगानी होगी।” कोर्ट ने इसके लिए दो हफ्ते का समय दिया है।

कपिल सिब्बल बोले- आजम को राजनीतिक द्वेष का शिकार बना रही योगी सरकार
आजम की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल ने पैरवी की। सिब्बल ने आरोप लगाया था कि यूपी सरकार उनके मुवक्किल को राजनीतिक द्वेष का शिकार बना रही है। साथ ही कहा था कि आजम खान दो साल से जेल में हैं, उन्हें अब जमानत दे दी जानी चाहिए। सपा से अलग हुए आजम तो मुस्लिम वोटर्स भी करेंगे किनारा? माना जा रहा है कि सूबे की राजनीति में नए मोड़ आ सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आजम की बगावत से अखिलेश यादव की परेशानी बढ़ सकती है। अगर वह सपा से अलग होते हैं तो बड़ी संख्या में मुस्लिम वोटर्स सपा से किनारा कर सकते हैं। आजम की सियासी ताकत से सभी वाकिफ हैं। यही वजह है कि कांग्रेस से लेकर बसपा तक ने आजम खान पर डोरे डाले हैं। शिवपाल यादव भी आजम खान से जेल में जाकर मुलाकात कर चुके हैं और उन्हें अपना भाई बताते हुए संकेत दिया था कि दोनों नेता साथ मिलकर नया मोर्चा बना सकते हैं।
अखिलेश से आहत हैं आजम खान?
आजम खान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बेहद नाराज बताए जाते हैं। आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम ने हाल ही में कई बार इशारों-इशारों में नाराजगी जाहिर की है तो उनके कई करीबियों ने सपा से इस्तीफा दे दिया है। आजम के करीबियों का आरोप है कि पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाले मुस्लिम नेता की रिहाई के लिए अखिलेश यादव ने कोई प्रयास नहीं किया।







