September 22, 2026 11:49 PM

क़ातिल पत्नी का कारनामा – प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी और लाश के पास सो रहे बच्चों के सामने प्रेमी से भरवाई मांग…

सोनभद्र: सोनभद्र के दुद्धी के वार्ड नंबर-6 में रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी के पुत्र की हत्या उसकी पत्नी ने ही की थी। प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने पहले पति को मौत के घाट उतारा, फिर शव के सामने ही सिंदूर से मांग भी भरी। इस पूरी वारदात के दौरान उसके दोनों बच्चे भी पास में सो रहे थे। महज 40 घंटे के अंदर घटना का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रेमी के पास से अवैध असलहा, कारतूस, हत्या में प्रयुक्त रबर का पाइप और तीन मोबाइल फोन भी बरामद हुए। पूछताछ के बाद दोनों को संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया गया।

सदर कोतवाली परिसर में शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता में एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह में पुलिस को राजीव श्रीवास्तव के हत्या की सूचना दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की तो घटना घंटों पहले ही होना स्पष्ट हो गया था। पूछताछ में पत्नी के बयान और घटनास्थल के हालात मेल नहीं खा रहे थे। फिर भी पत्नी की तहरीर पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू की।

एएसपी विजय शंकर मिश्रा और दुद्धी सीओ रामाशीष यादव की अगुवाई में दुद्धी कोतवाल राघवेंद्र सिंह, एसओजी प्रभारी साजिद सिद्दीकी, स्वाट प्रभारी अमित तिवारी और सर्विलांस प्रभारी सरोजमा सिंह की टीम ने घटना की जांच की तो कई चौंकाने वाली बात सामने आई। सर्विलांस से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने विंढमगंज रेलवे स्टेशन के पास से लवकुश श्रीवास्तव निवासी सगरा थाना केतार जिला गढ़वा (झारखंड) को पकड़ा।

वह ट्रेन पकड़ कर कहीं भागने की फिराक में था। तलाशी में उसके पास से एक तमंचा, दो कारतूस बरामद हुए। पूछताछ करने पर लवकुश ने बताया कि राजीव की पत्नी उससे प्यार करती है। बुधवार की रात खाना खाकर बच्चे सो गए तो दोनों ने मिलकर रबर के पाइप से गला दबाकर राजीव की हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने राजीव की पत्नी ममता को उसके घर से गिरफ्तार किया।

पुलिस टीम को 25 हजार का इनाम

एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि हत्यारोपियों को पकड़ने में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पुलिस टीम में दुद्धी कोतवाली में तैनात एसआई विमलेश कुमार, जय प्रकाश शर्मा, हेड कांस्टेबल चंद्रभान यादव, अरविंद सिंह, जगदीश मौर्य, अमर सिंह, शशि प्रताप सिंह, हरिकेश यादव, रितेश पटेल, सौरभ राय, दिलीप कश्यप, अमित सिंह, प्रदीप राय, शंभू प्रसाद का भी अहम योगदान रहा।

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