लखनऊ / बिजनौर: भारत सौ करोड़ कोरोना टीके लगाने वाला विश्व का पहला देश बन गया। इस मुकाम तक पहुंचने में यूपी की भी अहम भूमिका है। कुल टीकाकरण में 12 फीसदी हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है। इसमें कोरोना टीके की पहली और दूसरी दोनों डोज़ लगवाने वाले शामिल हैं। यूपी के नाम सर्वाधिक लोगों को टीके की पहली डोज लगाने का रिकार्ड भी दर्ज है। इसमें सबसे अहम हिस्सेदारी 18 पार वाले युवाओं की है।
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वहीं नजीबाबाद विधानसभा-17 के युवा बीजेपी नेता और सोशल मीडिया प्रभारी आशीष वर्मा ने प्रदेश और देश वासियों को इस लक्ष्य को पूरा करने के बधाई दी है। आशीष ने कहा कोरोना से बचने का सबसे कारगर उपाय सिर्फ कोविड प्रोटोकॉल का पालन और टीकाकरण ही था। जब देश में तेजी से टीकाकरण का महाभियान शुरू हुआ, जिसमें यूपी ने भी तेजी से वैक्सीनेशन शुरू किया। उसी का नतीजा है कि देश में सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद प्रदेश में फिलहाल कोरोना लगभग काबू में है। इसमें टीकाकरण का भी बेहद अहम योगदान है। युवा भाजपा नेता आशीष वर्मा ने लोगों का धन्यवाद किया है।
देखिये क्या बोले बीजेपी नेता
आपको बता दें कोविड पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के हिसाब से गुरुवार की दोपहर तक यूपी में पहली डोज लेने वालों की संख्या 9 करोड़ 43 लाख 10 हजार 672 थी। इसमें पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक है। वहीं 6 करोड़ 43 लाख 98 हजार 03 टीके लगाकर महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर था। तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमश: पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और बिहार थे।
दूसरी डोज में दूसरे पायदान पर यूपी
टीके की दूसरी डोज देने के मामले में यूपी देश में दूसरे पायदान पर है। इस मामले में थोड़े से अंतर के साथ महाराष्ट्र पहले स्थान पर है। वहां अब तक 2 करोड़ 88 लाख 69 हजार 38 लोगों को टीके की दूसरी डोज लग चुकी है। गुरुवार की दोपहर तक यूपी में यह आंकड़ा 2 करोड़ 79 लाख 11 हजार 981 था। 2 करोड़ 35 लाख 66 हजार 385 टीके लगाकर गुजरात तीसरे नंबर पर था जबकि कर्नाटक चौथे और राजस्थान पांचवे नंबर पर है।
59 फीसदी से ज्यादा युवाओं को लगे टीके
टीकाकरण के महाभियान में प्रदेश के युवाओं ने खासी रुचि दिखाई है। प्रदेश के 59.1 फीसदी से ज्यादा युवा ऐसे हैं जिन्हें कोरोना टीका लग चुका है। टीका लेने वाले 18 पार वाले युवाओं की संख्या 07 करोड़ 22 लाख 34 हजार 368 है। जबकि 45 से 59 आयु वर्ग वाले 25.9 प्रतिशत का वैक्सीनेशन हो चुका है। इनकी संख्या 03 करोड़ 16 लाख 56 हजार 54 है। वहीं 60 वर्ष से अधिक आयु वाले 14.9 प्रतिशत लोग टीके का सुरक्षा कवच पहन चुके हैं। इनकी संख्या 01 करोड़ 82 लाख 69 हजार 913 है।





