September 19, 2026 11:36 AM

राशन कार्ड धारकों को झटका, यूपी सरकार ने बंद की फ्री राशन योजना; अब देने होंगे इतने रुपये

लखनऊ : अगर आप राशन कार्ड पर सरकार की ‘मुफ्त राशन योजना’ का लाभ ले रहे हैं और उत्तर प्रदेश में रहते हैं तो यह खबर आपके ल‍िए बहुत काम की है. साल 2020 में कोव‍िड महामारी के दौरान यूपी की योकगी सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए फ्री राशन योजना को शुरू क‍िया था. अब सरकार की तरफ से इसे बंद करने का फैसला ल‍िया गया है. राज्यो के सभी ज‍िला पूर्तिक अध‍िकरी ने इसके ल‍िए एक प्रेस र‍िलीज जारी की है.

स‍ितंबर तक जारी रहेगी केंद्र की योजना

हालांक‍ि, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना  के तहत म‍िलने वाला मुफ्त राशन स‍ितंबर तक जारी रहेगा. प‍िछले द‍िनों कुछ मीड‍िया र‍िपोर्ट में दावा क‍िया गया था क‍ि केंद्र सरकार इस योजना को 2024 में आने वाले लोकसभा चुनाव तक जारी रखेगी. हालांक‍ि अभी इस दावे पर कोई आध‍िकार‍िक बयान सामने नहीं आया है.

3 रुपये प्रति किलो म‍िलेगा चावल

यूपी में योगी सरकार की तरफ से मुफ्त राशन योजना बंद होने के बाद कार्ड धारकों को गेहूं के ल‍िए 2 रुपये प्रति किलो और चावल के ल‍िए 3 रुपये प्रति किलो की दर से भुगतान करना होगा. जुलाई महीने के राशन वितरण से यह बदलाव लागू क‍िया गया है. यूपी में राशन व‍ितरण दो महीने व‍िलंब से चल रहा है. ऐसे में स‍ितंबर से राशन लेने के बदले भुगतान करना होगा.

25 से 31 अगस्त के बीच होगा व‍ितरण

जून महीने के राशन के साथ नमक, साबुत चना व रिफाइंड सोयाबीन तेल मुफ्त में बांटा जाएगा. यह अभी तक व‍ितर‍ित नहीं हुआ है. बदलाव के तहत राशन का वितरण 25 अगस्त से 31 अगस्त के बीच किया जाएगा. आपको बता दें यूपी सरकार की तरफ से नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत आने वाले राशनकार्ड धारकों के लिए यह योजना शुरू की गई थी.

योजना को तीन महीने के ल‍िए बढ़ाया था

योगी सरकार ने कोविड महामारी के दौरान केंद्र सरकार के अलावा गरीबों को मुफ्त राशन देना शुरू क‍िया था. पहले सरकार ने इसे मार्च 2022 तक बढ़ाया था. मार्च में सत्तार में वापसी पर इस योजना को फ‍िर से तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था. योजना के तहत मुफ्त राशन जून तक म‍िलना है. यूपी में योजना क्यों क‍ि दो महीने व‍िलंब से चल रही है.

15 करोड़ लोगों पर असर पड़ेगा

फ‍िलहाल यूपी में राशन कार्डधारकों की संख्या 3.59 करोड़ है. इसमें गृहस्थ राशन कार्ड धारक 3.18 करोड़ और अंत्योदय कार्ड धारक 40.92 लाख हैं. दोनों तरह के राशनकार्ड पर कुल आश्रित 14.94 करोड़ हैं. सरकार की तरफ से इस योजना को बंद करने पर 15 करोड़ लोगों पर असर पड़ेगा.

अभी तक पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं द‍िया जाता है. वहीं, अंत्योदय कार्ड धारकों को 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल द‍िया जाता है. इस राशन को सरकार कोव‍िड से अब तक मुफ्त दे रही थी. लेक‍िन अब गेहूं के ल‍िए 2 रुपये प्रति किलो और चावल के ल‍िए 3 रुपये प्रति किलो का भुगतान करना होगा.

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