September 21, 2026 7:43 PM

मुस्लिमों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने के विरोध में, सुप्रीम कोर्ट पहुंची जमीयत उलमा ए हिंद, मौलाना अरशद मदनी ने कही ये बात…

सहारनपुर: मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मुस्लिमों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने के विरोध में जमीयत उलमा ए हिंद सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। याचिका में अनुरोध करते हुए कहा गया है कि वह राज्यों को आदेश दें कि बिना अदालत की अनुमति के बिना किसी के घर या दुकान को न गिराया जाए।  मदनी की ओर से कहा गया कि यूपी में बुलडोजर की राजनीति पहले से जारी है। हालांकि यह सिलसिला अब अन्य राज्यों में भी शुरू हो चुका है। गुजरात और मध्य प्रदेश में भी यह देखने को मिल रहा है। यह साजिशें मुसलमानों को भयभीत करने के लिए हो रही हैं। ऐसे नाजुक हालातों में अल्पसंख्यकों को संतुष्ट करना प्रधानमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी है। याचिका में आदेश देते हुए कहा गया कि यह आदेश दिया जाए कि किसी के घर या दुकान को तभी गिराया जाए जब अदालत की अनुमति हो। इस याचिका में जमीयत उलेमा ए हिंद कानूनी इमदाद कमेटी के सचिव गुलजार अहमद आजमी वादी बने हैं।

अपराध रोकने की आड़ में किया जा रहा परेशान

मौलाना अरशद मदनी की ओर से कहा गया कि अपराध को रोकने की आड़ में अल्पसंख्यकों को तबाह करने के लिए यह बुलडोजर की राजनीति हो रही है। याचिका में केंद्र सरकार के साथ यूपी, एमपी औऱ गुजरात राज्यों को प्रतिवादी के तौर पर नामित किया गया है। मदनी ने कहा कि धार्मिक उग्रवाद और नफरत की एक काली आंधी पूरे देश में चलाई जा रही है। मुसलमानों को भयभीत करने की लगातार साजिशें हो रही हैं। मदनी ने कहा कि सांप्रदायिकों द्वारा मुसलमानों का जीन दूभर किया जा रहा है। इसको लेकर केंद्र सरकार खामोश है।

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