July 18, 2026 8:50 PM

कहीं साइकिल का बटन दबाने पर निकली कमल की पर्ची तो कहीं EVM मे नहीं मिला साइकिल चुनाव चिन्ह, सपा ने की EC से शिकायत…

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कल 16 जिलों की 59 सीटों पर तीसरे चरण का मतदान समाप्त हुआ है। इस मतदान के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यह आरोप लगाया है कि भोगनीपुर सीट के बूथ पर वोट के बाद गलत पर्ची निकली है। इसके खिलाफ अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से भी शिकायत की है। अखिलेश यादव का कहना है कि आयोग इस पर ध्यान दें और इसके खिलाफ कार्रवाई भी करें। लेकिन चुनाव आयोग ने सपा प्रमुख के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

अखिलेश यादव के आरोपो पर चुनाव आयोग ने क्या कहा

अखिलेश यादव के मुताबिक, कानपुर देहात की भोगनीपुर सीट के बूथ संख्या 121 पर जब कोई सपा को वोट डाल रहा है तो VVPAT से बीजेपी की पर्ची निकल रही है। इस पर बोलते हुए आजतक की एक रिपोर्ट को अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी बी डी राम तिवारी ने बताया, “हमें शिकायत मिली थी कि भोगनीपुर, कानपुर देहात में बूथ संख्या 121 पर ईवीएम पर एसपी के साइकल चिह्न पर बटन दबाने पर बीजेपी का चिह्न (कमल) प्रदर्शित करने वाली चिट जनरेट हो रही है। यह शिकायत निराधार पाई गई है।”

कई और इलाके के EVM में गड़बड़ी का लगाया आरोप

समाजवादी पार्टी द्वारा कई अलग-अलग इलाकों में EVM के खराब होने की बात भी सामने आई है। इस पर समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडेल से कई ट्वीट किए गए हैं। फर्रुखाबाद विधानसभा पर पार्टी ने ट्वीट करते हुए कहा, “फर्रुखाबाद जिले की 194 फर्रुखाबाद विधानसभा के बूथ नंबर 37 पर ईवीएम मशीन पर साइकल चुनाव चिन्ह का बटन ही नहीं है।”

फर्रुखाबाद विधानसभा में कई ईवीएम मशीन हुए खराब- सपा

सपा ने यह भी आरोप लगाया कि फर्रुखाबाद विधानसभा में कई ईवीएम मशीन के खराब होने की बात भी सामने आई है। इस पर पार्टी ने ट्वीट करते हुए कहा, “फर्रुखाबाद विधानसभा 194 बूथ नंबर 173, 174, 175 पर बार-बार ईवीएम मशीन खराब हो रही है चुनाव आयोग और जिला प्रशासन संज्ञान लेते हुए निर्भीक, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मतदान कराना सुनिश्चित करें।”

आपको बता दें कि सपा ने इससे पहले भी कई ईवीएम मशीन के खराब होने की शिकायत की थी जिसको चुनाव आयोग ने निराधार बताया था। तीसरे चरण के मतदान में उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब में भी कल चुनाव हुए हैं। यहां पर भी ईवीएम मशीन में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं जिसे चुनाव आयोग ने गलत बताया था।

Related Posts