देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की कांग्रेस में वापसी और रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ को लेकर चल रही बयानबाजी पर विधायक काऊ खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि जब पुष्कर सिंह धामी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होने जा रहा था तो नाराज यशपाल आर्य उस वक्त शपथ ही नहीं लेना चाहते थे। भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने गत जुलाई में सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के दौरान तीन विधायकों हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज और यशपाल आर्य की नाराजगी और शपथ ग्रहण न करने पर अड़ने की बात सार्वजनिक कर दी, जिससे अब तक भाजपा इन्कार करती आ रही थी।
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मेरा हाईकमान मुझे जिस काम में लगाएगा, मैं करूंगा
कांग्रेस में एंट्री न मिलने की चर्चाओं और कांग्रेस में वापसी की अटकलों के बीच देहरादून के रायपुर विधायक उमेश शर्मा ने कहा कि मेरा हाईकमान मुझे जिस काम में लगाएगा, मैं करूंगा। राहुल गांधी से मुलाकात के सवाल पर काऊ ने कहा कि यह तो मेरा हाईकमान जानता है। राहुल गांधी और उनके साथी भी जानते होंगे, जो भी सच है। आज भी बहुत बड़े नेता ने कहा कि एंट्री मैंने बंद कराई तो वह भी अपने दिल पर हाथ रखकर देख लें कि क्या सच है।
उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शपथ ग्रहण था तो उस वक्त के हमारे वरिष्ठ साथी यशपाल आर्य काफी नाराज थे। वह शपथ नहीं लेना चाहते थे। उस वक्त केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 से 14 बार उनसे बात की। उमेश शर्मा ने बताया कि नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए हाईकमान ने यशपाल आर्य, सतपाल महाराज और हरक सिंह रावत के कद भी बढ़ाए थे।






