July 17, 2026 8:25 PM

उत्तराखंड में बारिश का कहर, 34 की मौत, सीएम ने किया प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा, पीएम मोदी ने ली नुकसान की जानकारी

देहरादून। उत्तराखंड में बारिश आफत बनकर बरस रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हालातों का जायजा लिया। सर्वेक्षण के दौरान सीएम धामी के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धनसिंह रावत और डीजीपी अशोक कुमार भी थे। इसके बाद रुद्रप्रयाग में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से जिले की स्थिति और चारधाम यात्रा की जानकारी ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान और संचालित बचाव व राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने प्रदेश को हर आवश्यक सहयोग दिए जाने के प्रति आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर नुकसान हुआ है। शासन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है. पुष्कर सिंह धामी ने उधमसिंह नगर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के बाद कहा, “राज्य में आई आपदा में 34 लोगों की मौत हुई है. मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए और जिनके घर टूटे हैं उन्हें 1 लाख 9 हजार रुपए दिए जाएंगे. जिन्हें पशु हानि हुई है उनकी भी सहायता की जाएगी.”

बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. बाजपुर, रामनगर, किच्छा और सितारगंज में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर उन्होंने बाढ़ का जायजा लिया. इस दौरान उनके साथ राज्य के मंत्री धन सिंह रावत और राज्य के DGP अशोक कुमार भी मौज़ूद रहे. DGP अशोक कुमार ने कहा कि नैनीताल के काठगोदाम और लालकुआं और उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में सड़कें, पुल और रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गए हैं. इन्हें ठीक करने में चार से पांच दिन लगेंगे. मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता है कि लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया जाए.

नैनीताल में 18 लोगों की मौत

CM ने प्रदेश में 34 लोगों के मौत की पुष्टि की है. स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के मुताबिक, सोमवार को कुमाऊं में पांच लोगों की मौत हुई. SEOC ने कहा कि मंगलवार को नैनीताल से 18, अल्मोड़ा से 3 और चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई.

भू-स्खलन के कारण नैनीताल जाने वाले रास्ते ब्लॉक हो गए हैं. नैनीताल राज्य के बाकी हिस्सों से दूसरे दिन भी कटा रहा. नैनीताल के माल रोड और नैनी झील के किनारे स्थित नैना देवी मंदिर में पानी भर गया, जबकि भूस्खलन के कारण एक हॉस्टल की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई.

रिसॉर्ट से लोगों को किया गया रेस्क्यू

कोसी नदी में उफान के कारण रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिसार्ट में पानी भर गया. रिसार्ट में करीब 200 लोग फंसे हुए थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया. नैनीताल में बिजली, दूरसंचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

वायुसेना के हेलीकॉप्टर कर रहे रेस्क्यू

भारतीय वायु सेना (IAF) के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में राहत और बचाव कार्यों में लगे हैं. सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि उनमें से दो को नैनीताल जिले में तैनात किया गया है, क्योंकि यहां बादल फटने और भूस्खलन के कारण सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि तीसरा हेलीकॉप्टर गढ़वाल क्षेत्र में बचाव अभियान में मदद कर रहा है. पंतनगर के सुंदर खल गांव से 25 लोगों को IAF ने सुरक्षित निकाला.

‘लोग घबराएं नहीं’

मुख्यमंत्री ने लोगों से न घबराने की अपील की और कहा कि लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने मंगलवार शाम से मौसम की स्थिति में सुधार की भविष्यवाणी की है. धामी ने चारधाम यात्रा के तीर्थयात्रियों से अपनी अपील दोहराई कि वे जहां हैं वहीं रहें और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा फिर से शुरू न करें. उन्होंने चमोली और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारियों से चारधाम यात्रा मार्ग पर फंसे तीर्थयात्रियों का विशेष ध्यान रखने को भी कहा.

नदियां उफान पर

SEOC ने कहा कि नैनीताल में 90 मिमी, हल्द्वानी में 128 मिमी, कोश्याकुटोली में 86.6 मिमी, अल्मोड़ा में 216. 6 मिमी, द्वाराहोट में 184 मिमी और जागेश्वर में 176 मिमी बारिश हुई.

भारी बारिश के कारण राज्य में ज्यादातर नदियां उफान पर हैं. SEOC के मुताबिक हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 293.90 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 294 मीटर से एक डिग्री नीचे है. पिथौरागढ़ में काली और सरयू नदियां क्रमश: 890 मीटर और 453 मीटर के खतरे के निशान पर पहुंच गई हैं. गोरी नदी 606.75 मीटर पर खतरे के निशान के करीब बह रही है.

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