सहारनपुर : आज हम आपको एक ऐसे दंपत्ति की कहानी बता बता रहे हैं जिसे देखकर या तो आप अफसोस जताएंगे या फिर मदद के लिये हाथ आगे बढ़ाएंगे लेकिन इस परिवार को हमारी या आपकी मदद की दरकार नही बल्कि सरकारी मदद का इंतज़ार है कि कब सरकारी मदद इनके उजड़े हुए मकान को गुलज़ार करेगी और कब इन्हें छत नसीब होगी । और कब इन्हें मकान की छत पर डले तिरपाल से राहत मिलेगी इन्हें आस है तो बस प्रदेश की योगी सरकार से और इन्हें उम्मीद है कि सूबे की योगी सरकार के हाथ इनकी तारफ जरूर आगे बढ़ेंगे ।और इन्हें मदद मिलेगी।
पूरा मामला यूपी में सहारनपुर के फिरोजपुर पोस्ट, नंदी ब्लॉक् बलिया खेड़ी का है जहां का घनश्याम रहने वाला है । यूं तो कहा जापता है कि जान है तो जहान है लेकिन कभी-कभी आदमी अपनी मजबूरियों से परेशान होकर ये सोचने पर मजबूर हो जाता है की इस जान की कीमत क्या और ल्या फायदा ऐसी ज़िंदगी से। शायद ऐसा ही दिल -दिल मे घनश्याम और उनकी पत्नी भी सोचते होंगे जब उनकी नज़रों के सामने बारिश में अपने मकान की छत नज़र आती होगी जिसमें पानी की धार आर पार रहती होगी और जिसमे आसमान को आरपार देखा जा सकता है। ये मजबूरी और बेबसी नही तो क्या है ? घनश्याम अपाहिज हैं और 45 प्रतिशत डिसेबिलिटी का कार्ड भी इनके पास है गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन का कार्ड भी इनके पास है जिसके लिये योगी सरकार का ये शुक्रिया अदा करते नही थकते । लेकिन सवाल फिर वही उठने लगता है कि 45 प्रतिशत अपाहिज व्यक्ति भला कैसे अपना गुजारा करता होगा जिसके बाल बच्चे तो नही हैं लेकिन पत्नी है जिसके पास जमीन तो है लेकिन उसे देखकर घनश्याम को टेंशन हो जाती है क्योंकि उनके पास इतना पैसा नही की उस जमीन पर बने कच्चे मकान को तोड़कर पक्का बना सकें दिव्यांग होने के कारण उनकी आजीविका ही बमुश्किल चल पाती है तो मकान बनाने के लिये पैसा कहाँ से आएगा?

आपको बता दें कि घनश्याम के पास बारिश से बचने के लिये एक मकान की कच्ची छत ही थी जिसे बारिश ने ही गिरा दिया। और पहले जो छत घनश्याम और उसकी पत्नी को बारिश और धूप से बचाती थी आज उसी छत में आसमान साफ चमकता है मजबूरी में फिलहाल घनश्याम ने छत पर तिरपाल डालकर काम चला लिया है । आपको बता दें कि घनश्याम ने कुछ समझदार लोगों और ग्राम प्रधान के कहने पर अपनी परेशानी सीएम पोर्टल पर योगी जी को भी भेजी थी जिसकी जांच भी हो चुकी है । और जांच में घनश्याम मकान के लिये पात्र पाए गए हैं जिसके लिये घनश्याम योगी सरकार का और अपने ग्राम प्रधान का शुक्रिया अदा करते नही थक रहे ।

अब घनश्याम को इन्तेजार जांच के बाद मकान के लिये मिलने वाली राशि का है ताकि वो अपने आसमान से छत में आती आरपार धूप का मुंह बंद कर सकें। और खुद को और अपनी बीवी को आते सर्द मौसम से बचा सकें । अब घनश्याम की निगाहें दरवाजे पर टिकी रहती हैं कि आखिर पात्रता के बाद उनकी मदद के लिये कोई कब आएगा जो उनके लिये फ़रिशते से कम नही होगा। उम्मीद करते हैं कि घनश्याम की परेशानी जल्द दूर होगी।
नोट : ये खबर निर्भीक खबर के लिये सिटिज़न जर्नलिस्ट अनिल कश्यप ने भेजी है आप भी बन सकते हैं सिटीजेन जर्नलिस्ट और अपनी खबर हमे फोटो /वीडियो हमे ऊपर लिखे नंबर पर व्हाट्सप कर सकते हैं ।





